Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• बढ़ाने के लिठखाà¤à¤‚ ये सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚डà¥à¤¸
कई महिलाओं को सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दूध कम आने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ रहती है। हालांकि, कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को आहार में शामिल कर इस समसà¥â€à¤¯à¤¾ से निजात पाई जा सकती है।
मां बनने के साथ ही आपके ऊपर अचानक कई जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ आ जाती है। इस समय आपके ऊपर जो सबसे बड़ी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ होती है अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखना। बचà¥à¤šà¥‡ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ और विकास के लिठमां का दूध सबसे जरूरी होता है। हालांकि, जाने-अनजाने इस दूध से à¤à¥€ आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के दौरान आपको कà¥à¤› चीजों के सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤ कई à¤à¤¸à¥€ चीजें हैं जो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से ही लेनी चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान ही नहीं बलà¥à¤•ि डिलीवरी के बाद à¤à¥€ सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठमहिलाओं को अपनी डायट का खास खà¥â€à¤¯à¤¾à¤² रखना पड़ता है। कà¥à¤› महिलाओं को सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के दौरान बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दूध कम आने की शिकायत रहती है।
सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आने के कारण बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¥‚खा रह जाता है और उसे जरूरी पोषण नहीं मिल पाता है। इसका असर शिशॠके विकास पर à¤à¥€ पड़ता है। अगर आपको à¤à¥€ सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आने की परेशानी है तो यहां बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बढ़ाने के उपाय बताठगठहैं।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• बढ़ाने के लिठअपनी डायट में यहां बताठगठसà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚डà¥à¤¸ को शामिल करें।
ओटमील
ओटà¥à¤¸ सेहत के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होते हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• बढ़ाने के लिठमहिलाà¤à¤‚ नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में रोज ओटà¥à¤¸ खाà¤à¤‚। ओटà¥à¤¸ में फाइबर उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं और ये à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ से à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बनाना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ आसान है और आप रोज नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में ओटमील खा सकती हैं।
पालक
पालक खाने से शरीर में आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ती है। पालक में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है जो मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखने में मदद करता है। पालक के नियमित सेवन से मां के सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को बढ़ाया जा सकता है।
सौंफ
दूध बढ़ाने के लिठसौंफ à¤à¥€ खा सकते हैं। ये पाचक के रूप में काम करती हैं जिससे कोलिâ€à¤• शिशॠको à¤à¥€ आराम मिल सकता है। आप खाने के ऊपर सौंफ डालकर खा सकती हैं या सौंफ की चाय à¤à¥€ पी सकती हैं। खाना खाने के बाद सौंफ खाने से मà¥à¤‚ह की बदबू से à¤à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलता है।
लहसà¥à¤¨
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• बढ़ाने का सबसे अचà¥â€à¤›à¤¾ फूड लहसà¥à¤¨ है। लहसà¥à¤¨ में à¤à¤¸à¥‡ यौगिक मौजूद होते हैं जो दूध बनाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में मदद करते हैं। इसके अलावा लहसà¥à¤¨ खाने से महिलाओं को कई तरह के कैंसर से à¤à¥€ बचाव मिलता है। लहसà¥à¤¨ की कà¥à¤› कलियां à¤à¥‚नकर सूप या सबà¥â€à¤œà¥€ में डालकर खा सकती हैं।
तà¥à¤²à¤¸à¥€
तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤‚टीऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होती हैं। इसके शीतल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• बढ़ाने और शिशॠकी इमà¥â€à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने का काम करते हैं। गरà¥à¤® पानी में तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालकर पिà¤à¤‚ और रोज सà¥à¤¬à¤¹ इस पानी को पीने से à¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में इजाफा होता है।
शकरकंद
शकरकंद पोटैशियम से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है। इसके अलावा शकरकंद में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, विटामिन बी कॉमà¥â€à¤ªà¥â€à¤²à¥‡à¤•à¥â€à¤¸ और विटामिन सी à¤à¥€ होता है। ये सà¤à¥€ पोषक ततà¥â€à¤µ दूध बढ़ाने में मदद करते हैं। आप शकरकंद की सà¥â€à¤®à¥‚दी बना सकती हैं या इसे उबालकर à¤à¥€ खा सकती है। शकरकंद बहà¥à¤¤ हेलà¥â€à¤¦à¥€ और टेसà¥â€à¤Ÿà¥€ होती है।
| --------------------------- | --------------------------- |